यह तर्क कि ग्रिड-स्तरीय भंडारण, न कि केवल नवीकरणीय क्षमता, भारत के ऊर्जा परिवर्तन पर असली बाधा है।
रिपोर्ट किए गए मुख्य विवरण: क्षमता वृद्धि भंडारण से आगे निकल रही है; एकीकरण असली चुनौती है; भंडारण का अर्थशास्त्र सुधर रहा है।
यह क्यों मायने रखता है: नीति और पूंजी आवंटन को यह दर्शाना चाहिए कि असली अड़चन कहां है।